भुवनेश्वर, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ। सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के विधायकों ने महानदी जल विवाद को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजद विधायकों ने केंद्र सरकार की उदासीनता और छत्तीसगढ़ के खिलाफ उस समय भी नारेबाजी की, जब राष्ट्रगान चल रहा था।
विपक्षी सदस्यों ने राष्ट्रगान के अपमान की कड़ी आलोचना की।
विपक्ष के नेता नरसिंह मिश्रा ने कहा, “बीजद विधायकों ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के इशारे पर राष्ट्रगान का अपमान किया है, जो इस दौरान सदन में ही मौजूद थे। उन्होंने सदन में कार्यवाही न होने देने के लिए योजना बनाई है।”
उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने महानदी मुद्दे पर प्रश्नकाल और चर्चा रद्द करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सत्तारूढ़ दल के सदस्यों को हंगामा करने दिया।
कांग्रेस के मुख्य सचेतक तारा प्रसाद बाहिनीपति ने कहा कि बीजद सदस्यों ने राष्ट्रगान का सम्मान करना नहीं सीखा है।
उन्होंने साथ ही कहा कि विधानसभा में निरंतर व्यवधान के दौरान ‘काम नहीं, तो वेतन नहीं’ का नियम होना चाहिए।
हालांकि बीजद ने मामले को दबाने की कोशिश की। बीजद विधायक नरसिंह साहू ने कहा कि नारेबाजी करने वाले सदस्यों को पता नहीं था कि राष्ट्रगान हो रहा है।
सदन स्थगित होने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने एक रैली निकाली और महानदी मुद्दे पर राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए राज्यपाल एस.सी. जमीर को एक ज्ञापन सौंपा।
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