बस्तर आईजी एस.आर.पी. कल्लूरी एवं बीजापुर एसपी के.एल. ध्रुव ने बताया कि भोपालपटनम थाने से पुलिस का संयुक्त बल कमांडेट संजय कुमार, असिस्टेंट कमांडेट महेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में गश्त (सर्चिग) के लिए रवाना किया गया था।
ग्राम चिल्लामरका के निकट जंगल में कुछ संदिग्ध किस्म के लोग पुलिस को देखकर भागने लगे, जिनका पीछा कर छह लोगों मिडिम गुड्डी राम, मिडिम यार, जगन सूर्यनारायण, कांती नारायण, येलम संतोष एवं मिडिम वीरा को दबोच लिया गया। पूछताछ में सारे ही नक्सली निकले जो हत्या, हत्या का प्रयास, आगजनी, बारूदी विस्फोट एवं सड़क काटने जैसी संगीन वारदातों में शामिल रहे हैं।
इधर छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्म समर्पण नीति से प्रभावित, पुलिस द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान से दबाव में आकर व जनजागरण अभियान से प्रेरित होकर 25 सक्रिय नक्सलियों ने वन मंत्री महेश गागरा एवं बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी जनमिलिशिया के सदस्य हैं और छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं। समर्पितों में छह महिलाएं भी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि समर्पण करने वालों को दस-दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है साथ ही शासन की पुनर्वास नीतियों के तहत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
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