मुंबई, 23 नवंबर (आईएएनएस)। सेबी ने स्टार्ट-अप कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने के उदेश्य से इस क्षेत्र में एंजल निवेशकों के लिए नियमों में ढील दी है। इसके तहत सेबी ने एक योजना में एंजल निवेशकों की अधिकतम संख्या 49 से बढ़ा कर 200 कर दी है।
सेबी के निदेशक मंडल ने बुधवार की अपनी बैठक में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए कई बदलावों की घोषणा की।
नियामक के मुताबिक, नए नियमों के तहत एंजल कोष अब स्टार्ट-अप में तीन की जगह 5 साल के अंदर पंजीकृत इकाइयों में निवेश कर सकेंगे। जोखिम को बांटने के लिए सेबी ने इस क्षेत्र के एंजल निवेशकों को अपने निवेश योग्य धन का 25 प्रतिशत हिस्सा विदेश में करने की छूट दी हैं। इस तरह संशोधित यह व्यवस्था अन्य वैकल्पिक निवेश कोषों जैसी हो गई है।
सेबी ने स्टार्ट-अप क्षेत्र में निवेश कोष के लिए तय न्यूनमत सीमा 50 लाख रुपये से घटा कर 25 लाख रुपये कर दी है।
इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपटलिस्ट एसोसिएशन (आईवीसीए) के अध्यक्ष गोपाल श्रीनिवासन ने कहा, “जहां यह एंजेल निवेशकों के लिए सकारात्मक खबर है और इससे उनकी उपस्थिति मजबूत होगी। वहीं, यह उद्यमियों के लिए व्यापार के क्षेत्र में कई रास्ते खोलेगा।”
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