नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता बृंदा करात ने सोमवार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रुख की आलोचना की।
माकपा के पोलित ब्यूरो की सदस्य ने कहा कि प्रचंड जनादेश का अर्थ यह नहीं है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अपनी मरजी और पसंद की करें।
करात ने यहां एक विरोध सभा में कहा, “अरविंद केजरीवाल विभिन्न मुद्दों पर केंद्र से भिड़ते रहते हैं और हम दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने जैसे उनके कुछ मुद्दों का समर्थन करते हैं। हमने इस मुद्दे को संसद में भी उठाया है।”
उन्होंने कहा, “यदि दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को प्रचंड बहुमत दिया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपने किए गए वादों से मुकर जाएं, बिजली और पानी मुहैया नहीं कराएं या कामगारों के हक को नुकसान पहुंचाएं।”
करात ने कहा कि यह आश्चर्यजनक और निराशाजनक है कि केजरीवाल का सक्रिय रहने वाला ट्विटर अकाउंट प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जैसे मुद्दे पर खामोश है।
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