प्रधानमंत्री और मोदी के भाषण को लेकर भाजपा-कांग्रेस में मचा घमासान

Manmohan-modiस्वतंत्रता दिवस पर मोदी के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का देश के नाम संबोधन को निशाना बनाने पर भाजपा और कांग्रेस में घमासान शुरु हो गया है.
सत्ता के लिए मोदी की भूख की सीमा नहीं
मोदी के बयान को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी आलोचना की है. आडवाणी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे दिन नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना नहीं करनी चाहिए.

गौरतलब है कि भुज में स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने भाषण में मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सत्ता के लिए मोदी की भूख की सीमा नहीं है.

नरेन्द्र मोदी पर करारा प्रहार करते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस ‘दलीय बहस और सत्ता लोलुप कलह’ का अवसर नहीं है और राजनैतिक दलों को स्वार्थपरायण मौका नहीं तलाशना चाहिए.

स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय त्योहार
कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय त्योहार है. यह एक ऐसा पवित्र अवसर है जो राष्ट्र के सामूहिक अंत:करण में बहुत ऊंचा स्थान रखता है.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री का भाषण इरादों और उद्देश्यों का गैर दलीय राष्ट्रीय वक्तव्य होता है.

उन्होंने कहा कि मैं साथी राजनीतिक दलों के सदस्यों से अपील करता हूं कि वे एकजुट होकर इस दिवस की पवित्रता बनाए रखें ताकि आने वाली पीढ़ियां 15 अगस्त को स्वार्थपूर्ण अवसर की बजाय स्वतंत्रता और एकता के आदर्श के रूप में देखें.

इससे पहले कांग्रेस के नेताओं ने सिंह पर हमला करने के लिए मोदी पर करारा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि वह तुच्छ राजनीति कर रहे हैं और सार्वजनिक बहस के लिए प्रधानमंत्री को दी गई उनकी चुनौती को ‘डींग हांकना’ कहकर खारिज कर दिया.

गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि प्रधानमंत्री सबसे अंत में आयेंगे. पहले वे हमारे साथ बहस करें.

उन्होंने कहा कि मोदी देश में कुछ बड़ा बनने के लिए इतने अधीर हो चुके हैं कि वह इस बात को भी भूल गए कि यह दिन राजनीतिक मतभेद भूल जाने का होता है. मोदी के अपने भाषण की तुलना प्रधानमंत्री से करने के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि यह छोटा मुंह बड़ी बात का मामला है.

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के लालकिले की प्राचीर से दिए भाषण की आलोचना करना मोदी को महंगा पड़ सकता है.

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