वाशिंगटन, 16 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान आपसी बातचीत जारी रखे, ताकि विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आतंकवाद से लड़ने में भी मदद मिले। उसने हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच हुई वार्ता का समर्थन करते हुए इसे एक ‘अच्छा संकेत’ बताया।
वाशिंगटन, 16 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान आपसी बातचीत जारी रखे, ताकि विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आतंकवाद से लड़ने में भी मदद मिले। उसने हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच हुई वार्ता का समर्थन करते हुए इसे एक ‘अच्छा संकेत’ बताया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, “हम चाहते हैं कि दोनों देश आपसी वार्ता जारी रखें और आतंकवाद के खतरे के खिलाफ लड़ने के लिए एक-दूसरे के सामंजस्य से नए तरीके खोजें।”
जॉन ने कहा कि दोनो देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता ‘एक अच्छा संकेत’ है। दोनों ने भारत के पंजाब में पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
प्रवक्ता ने आगे कहा, “उनके बीच हुई वार्ता मामूली नहीं थी और न ही वह प्रतिबद्धता खोखली थी, जो दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने साथ मिलकर दिखाई। हम चाहते हैं कि वे इस प्रतिबद्धता को बरकरार रखें।”
भारत-अमेरिका के संबंधों के महत्वपूर्ण करार देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि वाशिंगटन इसके लिए प्रतिबद्ध है और नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को विस्तृत तथा प्रगाढ़ बनाना चाहता है।
किर्बी ने कहा, “हमारे भारत सरकार के साथ अच्छे संबंध हैं। हम इसे और बेहतर बनाना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि हमारे लिए यह संबंध कितना महत्वपूर्ण है और मैं भारतीय जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अमेरिका इसके लिए प्रतिबद्ध है।”
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