आंध्र ने क्लाउड टेक के लिए माइक्रोसॉफ्ट से किया करार

हैदराबाद, 28 दिसंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास की खातिर क्लाउड प्रौद्योगिकी का दोहन करने के लिए सोमवार को माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक सहमतिपत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

हस्ताक्षर माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला की मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात के दौरान हुए।

इससे पहले राज्य सरकार के संचार सलाहकार के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया था कि नडेला ने विशाखापत्तनम में माइक्रोसॉफ्ट का उत्कृष्टता केंद्र खोलने पर सहमति दे दी है।

बाद में जारी किए गए एक संशोधित बयान में हालांकि कहा गया है कि सरकार ने उनसे उत्कृष्टता केंद्र खोलने के लिए अनुरोध किया है।

मुलाकात एक घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान चर्चा मुख्यत: इस बात पर हुई कि किस प्रकार माइक्रोसॉफ्ट सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उपयोग के जरिए आंध्र प्रदेश में विकास की गति तेज कर सकता है।

नडेला ने राज्य सरकार द्वारा हाल में ही शुरू की गई ई-प्रशासन पहल 2,500 करोड़ रुपये की ई-प्रगति परियोजना में रुचि दिखाई।

नडेला ने राज्य सरकार के को प्रस्ताव दिया कि वह एक टीम सीएटल भेजे, जो वहां यह अध्ययन करेगी कि इस परियोजना के बेहतर कार्यान्वयन के लिए किस प्रकार कंपनी की सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

नडेला ने अगली यात्रा में अपने पैतृक अनंतपुर जिले में जाने का भी वादा किया।

नडेला का जन्म अनंतपुर जिले में हुआ था। उनका पालन-पोषण और शिक्षा हालांकि हैदराबाद में हुआ।

एमओयू के तहत माइक्रोसॉफ्ट इस कार्य में प्रौद्योगिकी ज्ञान का योगदान करेगी।

सरकार माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के सहयोग से शिक्षा, कृषि और ईनागरिकता सेवा के क्षेत्र में तीन प्रूफ ऑफ कंसेप्ट (पीओसी) समाधान तैयार करेगी। सरकार विश्लेषण के लिए माइक्रोसॉफ्ट की अजुर मशीन लर्निग एंड एडवांस्ड विजुअलाइजेशन प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगी।

कंपनी राज्य सरकार के प्रमुख आईटी अधिकारियों को माइक्रोसॉफ्ट की प्रौद्योगिकियों का प्रशिक्षण भी देगी।

कंपनी सरकार के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक विशेष कार्यशाला भी करेगी और यह कार्यशाला माइक्रोसॉफ्ट प्रौद्योगिकियों के सहारे उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के प्रबंध निदेशक अनिल भंसाली ने कहा, “हम हर भारतीय, भारतीय कारोबारी और सरकारी संगठनों को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अगस्त 2015 में मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई ‘बडी पिलुस्थोंडी’ (स्कूल पुकार रहा है) योजना के अंतर्गत सरकार और माइक्रोसॉफ्ट ने कंपनी की अजुर मशीन लर्निग टूल्स और पावर बीआई का उपयोग करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक क्लाउड आधारित मशीन लर्निग समाधान पेश करने की घोषणा की थी। परियोजना पायलट आधार पर चित्तूर जिले में शुरू की गई थी।

परियोजना का मकसद मौजूदा आंकड़ों का विश्लेषण कर, जरूरी सुधार कर, समय पर हस्तक्षेप कर और पहले से पहचान कर कक्षा 10 के बाद स्कूल छोड़ने वालों को ऐसा करने से रोकना है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493