एनजीओ, कालेकारोबारी मेरे खिलाफ एकजुट : मोदी

भुवनेश्वर, 21 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि कुछ स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) और कालाबाजारी करने वाले उन्हें बदनाम करने और उनकी सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के गले यह बात उतर नहीं सकी है कि एक चायवाला देश का प्रधानमंत्री बन गया है।

मोदी ने यहां किसानों की सभा में कहा, “आप देख रहे होंगे कि मुझ पर हर वक्त हमले होते रहते हैं। वे इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि मोदी कैसे प्रधानमंत्री बन गया, कैसे एक चायवाला प्रधानमंत्री बन गया।”

उन्होंने ये बातें यूरिया की कालाबाजारी के बारे में बात करने के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि 2014 में कुछ मुख्यमंत्रियों और सांसदों ने मुझे यूरिया की कमी के बारे में लिखा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीम लगी यूरिया के आने के बाद से अब ऐसा नहीं है।

उन्होंने कहा, “यूरिया पर नीम के लेपन से कुछ लोगों को दिक्कत हुई, लेकिन यह किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगी। हम जो करते हैं, उससे कुछ लोगों को दिक्कत होती है, लेकिन किसानों को लाभ होता है।”

उन्होंने कहा कि कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं से विदेश से मिलने वाली वित्तीय मदद के बारे में पूछा गया। इसके बाद वे उनके खिलाफ हो गए।

उन्होंने कहा, “जैसे ही हमने उनके वित्तीय लेनदेन के बारे में पूछा, वे एकजुट हो गए और ‘मोदी को मारो’, ‘मोदी को मारो’ चिल्लाने लगे। कहने लगे कि मोदी हमसे हिसाब मांग रहा है।”

उन्होंने कहा कि देश को जानना चाहिए कि विदेश से स्वयंसेवी संस्थाओं को मिल रहा एक-एक पैसा कहां खर्च हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे मोदी को बदनाम करने और खत्म करने की साजिश रच रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे।

मोदी ने कहा, “हम उन्हें देश को लूटने नहीं देंगे। इसीलिए कालाबाजारी रोकने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हम नीम लगी यूरिया को लेकर आए।”

उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य 2022 में देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर किसानों की आय को दोगुना करना है। उन्होंने किसानों से आय बढ़ाने के लिए पशुधन, मधुमक्खी पालन और लकड़ी की खेती पर ध्यान देना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने को कहा।

उन्होंने कहा कि ओडिशा में खेती में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पूछा, “दूसरी हरित क्रांति कहां शुरू होगी? क्या आपने कभी सोचा कि यह आपके राज्य से, ओडिशा से शुरू हो सकती है?”

प्रधानमंत्री ने कहा, “ओडिशा के पास अपार प्राकृतिक संसाधन हैं, लेकिन राज्य के लोग फिर भी गरीब हैं। मुझे समझ नहीं आता कि गरीबी ओडिशा के लोगों का पीछा क्यों नहीं छोड़ती?”

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