एनडीएमसी की प्रस्तावित संपत्ति कर से निवासी नाराज

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। गोल्फ लिंक सोसायटी, जोरबाग, चाणक्यपुरी और बाबर रोड में रहने वाले सैकड़ों लोग नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) से 28 मार्च को मिले नोटिस के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की योजना बना रहे हैं। नोटिस के मुताबिक 2018-19 के लिए संपत्ति कर में भारी वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।

यहां 800 कोठियों और बंगलो में रहने वाले लोग एनडीएमसी द्वारा 2009 में लागू किए गए ऐकिक विधि के अनुसार, 2017-18 तक 50 हजार से एक लाख रुपये तक संपत्ति कर का सालाना भुगतान करते रहे हैं, लेकिन अब उनको 30 लाख से 40 लाख रुपये संपत्ति कर चुकाने होंगे।

अगर 2018-19 के गृह कर के अस्थायी प्रस्ताव में संशोधन होगा तो संपत्ति कर का निर्धारण एनडीएमसी अधिनियम 1994 के अनुसार, 126.30 रुपये प्रति वर्ग फुट मासिक किराये की तुलनात्मक दर पर किया जाएगा।

एनडीएमसी के नोटिस की एक प्रति आईएएनएस के पास है जिसमें कहा गया है- “आपको सूचित किया जाता है कि नीचे दिए गए विवरण व कारणों के अनुसार, वर्ष 2018-19 के लिए समीक्षा सूची में संशोधन प्रस्तावित है। इस संबंध में अगर आप कोई आपत्ति दर्ज करवाना चाहते हैं तो आप अपनी आपत्तियां इस कार्यालय में लिखित में सौंप सकते हैं, ताकि इस नोटिस के मिलने के 35 दिन के बाद आपत्तियां इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हो। अगर उक्त समय के भीतर कोई आपत्ति नहीं मिलेगी तो ऐसा माना जाएगा कि आपको प्रस्तावित संशोधन को लेकर कोई आपत्ति नहीं है।”

गोल्फ लिंग में जारी नोटिस में कहा गया है कि एनडीएमसी अधिनियम 1994 की धारा 63 (1) के तहत प्रावधान के अनुसार, संपत्ति से 126.30 रुपये प्रति वर्ग फुट मासिक दर से तुलनात्मक किराया लिया जाता है।

गोल्फ लिंग सोसायटी की 1957 में स्थापना होने के बाद से वहां रह रहे 110 वरिष्ठ नागरिक समेत अधिकांश निवासी एनडीएमसी का नोटिस मिलने के बाद काफी दबाव में हैं।

गोल्फ लिंक सोसायटी के एक निवासी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, “2009 में जब ऐकिक विधि एनडीएससी द्वारा लागू की गई थी तो सालाना संपत्ति कर का मूल्यांकन 1,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर किया जाता था। मतलब, अगर हमारे पास 743 वर्गमीटर (8,000 वर्ग फुट)की संपत्ति थी तो इसका मूल्यांकन 7,43,000 रुपये किया जाता था जिसकी 20 फीसदी रकम 10 लाख रुपये से कम के स्लैब में संपत्ति कर के रूप में देना होता था जो 1,48,000 रुपये होती थी। इसके अलावा, पांच लाख रुपये से कम की रकम होने पर 50 फीसदी की रियायत दी जाती थी। इस तरह संपत्ति कर 74,000 रुपये होती थी।”

उन्होंने कहा, “लेकिन नोटिस के अनुसार, अब एनडीएमसी द्वारा प्रस्तावित संशोधन किए जाने पर 8,000 वर्ग फुट कवर्ड एरिया के लिए सालाना मूल्यांकन 126.30 रुपये प्रति वर्ग फुट मासिक तुलनात्मक किराये के आधार पर 1,21,24,800 रुपये होगा।”

उन्होंने कहा, “एनडीएमसी के नए प्रस्ताव के अनुसार, संपत्ति कर फिर तीन स्लैब में होगा और पहले स्लैब में 10 लाख रुपये के लिए 20 फीसदी संपत्ति कर ली जाएगी, 10 लाख से 20 लाख तक के स्लैब के 25 फीसदी और 20 लाख रुपये से अधिक के स्लैब के लिए 30 फीसदी संपत्ति कर ली जाएगी। इस प्रकार 1,21,24,800 रुपये मूल्य की संपत्ति के लिए संपत्ति कर करीब 40 लाख रुपये होगी।”

गोल्फ लिंग के निवासी एनडीएमसी चेयरमैन नरेश कुमार को प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ चुनौती देने के लिए अधिवक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे इसे तुगलकी फरमान बताते हैं।

निवासियों ने बताया कि गोल्फ लिंग सोसायटी में एनडीएमसी के करीब 200 फ्लैट हैं जिनसे कोई संपत्ति कर नहीं मिलता है।

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