ओबामा ने रविवार को देश के नाम अपने संबोधन में कहा, “यह एक आतंकवादी घटना थी, जिसका उद्देश्य निर्दोष लोगों को मारना था।”
ओबामा ने कहा कि यह स्पष्ट है कि दोनों हमलावर कट्टरता के रास्ते पर थे।
राष्ट्रपति ओबामा ने देशवासियों को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बल्कि एक साथ खड़े रहने का आह्वान करते हुए कहा कि मुस्लिम अमेरिकी नागरिक भी अमेरिका के दोस्त और सहकर्मी हैं।
उन्होंने कहा कि बिना वीजा अमेरिका आने वालों पर कड़ी नजर रखनी होगी और इस दिशा में कड़े कदम उठाने होंगे।
ओबामा के पिछले सात साल के कार्यकाल में यह उनका तीसरा ‘ओवल ऑफिस’ संबोधन है।
ओबामा ने देश में हजारों की संख्या में इराकी नागरिकों को प्रशिक्षण देना जारी रखने की भी बात कही।
उन्होंने आतंकवादी गुट इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ जंग में अमेरिकी थलसेना को भेजने पर एक बार फिर आपत्ति जताई।
गौरतलब है कि बीते बुधवार को कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डिनो के सामाजिक सेवा केंद्र में दो हमलावरों सैयद फारुख (28) और तशफीन मलिक (27) ने अंधाधुंध गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 21 घायल हो गए थे।
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