‘जीका से बचें, 2018 तक न करें गर्भधारण’

एसपिनोजा ने एक इंटरव्यू में कहा, “जो महिलाएं गर्भधारण की योजना बना रही हैं, उनसे गुजारिश है कि वह अपनी इस योजना को कुछ वर्षो के लिए टाल दें। हम पहली बार इस वायरस के हमले का सामना कर रहे हैं और पहला हमला हमेशा खतरनाक होता है।”

मध्य अमेरिकी देश ने पिछले साल नवंबर में पहली बार जीका वायरस के संदिग्ध मामलों को देखा, उसके बाद से अब तक 5 हजार से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

इस तेजी से फैलते वायरस के खिलाफ लैटिन अमेरिका के अन्य देशों के साथ ही जमैका और होंडुरास देशों में भी महिलाओं से कहा गया है कि अपनी संतान को इस खतरे से बचाने के लिए गर्भधारण का विचार कुछ समय के लिए टाल दें।

जमैका स्वास्थ्य मंत्रालय जीका वायरस के खतरों के लिए सावधानियां बरत रहा है। जो महिलाएं पहले से ही गर्भवती हैं, उन्हें अधिक सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है।

जीका वायरस दो प्रकार के मच्छरों से जनित रोग है। इस वायरस के संक्रमण से नवजातों में सिर कुछ छोटा और असामान्य सा होता है। शिशुओं में मस्तिष्क का विकास भी अधूरा होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, बारबाडोस, बोलीविया, पनामा और प्यूटरे रिको जैसे कम से कम 20 देश और इलाकों में इस वायरस का संचरण दर्ज किया गया है।

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