सैंट जोंस (एंटिगुआ), 3 फरवरी (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डब्ल्यूआईसीबी) ने दिग्गज कैरेबियाई बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपॉल के उस आरोप को खारिज किया है, जिसमें चंद्रपॉल ने कहा है कि उन्हें संन्यास लेने के लिए मजबूर किया गया।
समाचार एजेंसी सीएमसी के मुताबिक, चंद्रपॉल ने कहा था कि डब्ल्यूआईसीबी ने मास्टर्स चैम्पियंस लीग (एमसीएल) में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने के लिए संन्यास की घोषणा करने की शर्त रखी थी।
चंद्रपॉल ने मंगलवार को दुबई में कहा, “मुझे डब्ल्यूआईसीबी ने एनओसी इस शर्त पर दी कि मैं 23 तारीख को संन्यास की घोषणा करूं। अगर मैं संन्यास की घोषणा नहीं करता तो बोर्ड मुझसे प्रमाण पत्र वापस ले लेता।”
बोर्ड ने हालांकि मंगलवार को चंद्रपॉल के इस बयान को खारिज किया है।
बोर्ड ने कहा है कि चार खिलाड़ियों टीनू बेस्ट, क्रिश्मार सैंटोकी, चंद्रपॉल, और फिडेल एडवर्डस को एनओसी दी गई है।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा है, “एनओसी देने का आधार खिलाड़ियों को यह पता होना था कि एमसीएल में वह तभी खेल पाएंगे जब वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर से संन्यास ले चुके हों।”
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