डा. अंबेडकर पर शिवराज ने लिखा ब्लॉग

images (1)भोपाल, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर ब्लॉग लिखा है और उसमें उन्होंने कहा है कि डा. अंबेडकर सबके है, क्योंकि महापुरुष किसी धर्म, जाति या राजनीतिक दल के नहीं होते।

शिवराज ने अपने ब्लॉग में लिखा है “बाबा साहब ने जीवनभर उन वर्गो को ऊपर उठाने की कोशिश की, जो सामाजिक-ऐतिहासिक कारणों से हाशिए पर जी रहे थे।”

ब्लॉग में चौहान ने लिखा है, “डा अंबेडकर के द्वारा किए गए प्रयासों में एक छोटा-सा उदाहरण यह है कि वह महिलाओं को तलाक, सम्पत्ति में उत्तराधिकार आदि के प्रावधान वाले हिन्दू कोड बिल को लागू करवाने के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहे। उन्होंने वर्ष 1951 में इस बिल के पारित न होने पर देश के प्रथम कानून मंत्री के रूप में इस्तीफा दे दिया। यह, अपने सिद्धांतों के प्रति उनकी दृढ़ता का परिचायक है। भारत के सामाजिक, आर्थिक, कृषि और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उनका चिंतन बहुत व्यापक था, जो उनके द्वारा रचित पुस्तकों में मिलता है। राष्ट्र निर्माण, विदेश नीति निर्धारण, सामाजिक सुरक्षा, श्रमिक कल्याण सहित ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जो बाबा साहब के चिंतन से अछूता हो।”

चौहान ने ब्लॉग में डा. अंबेडकर के कार्यो से नई पीढ़ी को अवगत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए लिखा है, “बाबा साहब के जीवन और कृतित्व को चिर-स्मरणीय बनाने और नई पीढ़ी को उनके अवदान से परिचित करवाने के लिए हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक कदम उठाए हैं। उनके प्रयासों से ऐसे पांच स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनका बाबा साहब के जीवन से गहरा संबंध रहा है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि बाबा साहब का जन्म हमारे प्रदेश के महू में हुआ। उनके जन्म-स्थल महू में उनकी स्मृति में भव्य स्मारक बनाया गया है। इस पवित्र स्थल पर 14 से 17 अप्रैल तक हर साल मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बाबा साहब के जीवन पर केन्द्रित भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं।”

उन्होंने ब्लॉग में आगे लिखा है “प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर लंदन में उस इमारत को खरीदकर तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित किया गया है, जहां रहकर बाबा साहब ने पढ़ाई की थी। इसी तरह नागपुर में दीक्षा-भूमि, दिल्ली में महापरिनिर्वाण-भूमि और मुम्बई में अंबेडकर स्मारक को पंचतीर्थ में शामिल किया गया है।”

राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने लिखा है “मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महू में डा बी.आर. अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित-जाति, जनजाति तथा पिछड़े वर्गो के सामाजिक उत्थान तथा सामाजिक न्याय की दिशा में किए जा रहे कार्यो में इन वर्गो की सक्रिय सहभागिता बढ़ाना है। यह देश में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है, जो सामाजिक बुराइयों, असमानता, कुप्रथाओं, अंधविश्वास, छुआछूत और जातिभेद को समाप्त करने की दिशा में कारगर सिद्ध होगा।”

डा. अंबेडकर को लेकर होने वाली राजनीति पर भी चौहान ने अपने ब्लॉग में कटाक्ष करते हुए लिखा है “महापुरुष किसी वर्ग विशेष, जाति विशेष या राजनीतिक दल विशेष के नहीं होते। वे सबके होते हैं। वे सबके इसलिए होते हैं, क्योंकि वे सबको अपना मानते हैं। बाबा साहब ऐसे ही महापुरुष थे। आइए, उनके सामाजिक समरसता बढ़ाने और दलित वर्ग को समाज की मुख्य धारा में लाने के काम को हम आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराए। यही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

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