मिस्र की यह परियोजना जहां उसे आर्थिक मानचित्र पर अधिक सशक्त बनाएगी, वहीं दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग से क्षेत्र की सुरक्षा, शांति, स्थिरता और विकास तथा विश्व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
काहिरा में चीनी दूतावास में आर्थिक मामलों के मंत्री के सलाहकार हान बींग ने कहा कि मिस्र अपनी भौगोलिक रणनीतिक स्थिति के कारण चीन के बेल्ट एंड रोड कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हान ने मिस्र की नई स्वेज नहर परियोजना को दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए एक बेहतर अवसर बताया।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में रेशम मार्ग आर्थिक बेल्ट और सामुद्रिक रेशम मार्ग का प्रस्ताव रखा था, जिन्हें संयुक्त तौर पर बेल्ट एंड रोड कार्यक्रम के नाम से जाना जाता है। इस कार्यक्रम का मकसद एशिया और यूरोप के बीच प्राचीन व्यापारिक मार्ग को नवजीवन प्रदान करना है। इस नेटवर्क में 60 देश और क्षेत्र आते हैं, जहां की कुल जनसंख्या 4.4 अरब है।
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दल-फतह अल-सीसी ने दिसंबर 2014 में अपनी चीन यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वादा किया था कि उनके प्रस्ताव में मिस्र एक सक्रिय भागीदार होगा। वहीं शी ने भी स्थायित्व और विकास की मिस्र की कोशिशों में मदद करने का वादा किया था।
हान ने कहा कि चूंकि दोनों देश बेल्ट एवं रोड कार्यक्रम और नई स्वेज नहर परियोजना पर गंभीरता से काम कर रहे हैं, इसलिए बंदरगाह सहयोग दोनों देशों के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वेज नहर के दोनों ओर के बंदरगाह भूराजनैतिक और वैश्विक व्यापार के मामले में मध्यपूर्व, अफ्रीका और पूरी दुनिया के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
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