मुख्यमंत्री के आह्वान के बाद मप्र भाजपा मुख्यालय के दुकानदारों ने नहीं लिखे हिंदी के पटल

भोपाल-विश्व हिंदी सम्मेलन पर जो भोपाल में हो रहा है मूल कारण छुपा कर उसे यह प्रचारित किया जा रहा है की इससे हिंदी का विस्तार और संरक्षण होगा.पत्रकारों को दूर रखने की साजिश से ही आयोजकों की नीयत सामने आ गयी.कोई कुछ भी लिखे -पढ़े हम राष्ट्र के निर्माण और राष्ट्रवादियों की इतनी बड़ी पूँजी को इस तरह बहता देख उन कारणों की तरफ मुड़ गए जिनसे प्रतीत होता है की सरकार कितनी गंभीर है हिंदी के लिए सिर्फ हिंदी के लिए या यह एक आयोजन मात्र है.
4

मप्र के मुख्यमंत्री ने भोपाल के दुकानदारों से आह्वान किया हिंदी में पटल लगाने का लेकिन क्या हुआ 

भोपाल के दुकानदारों से मुख्यमंत्री ने आह्वान किया था की बोर्ड हिंदी में बदल दें .खबर चलाने के लिए कुछ जगह ये बोर्ड हिंदी में लिख खबरिया चेनलों में खबर चल भी गयी लेकिन हम पहुंचे मप्र के सत्ताधारी दल भाजपा के मुख्यालय दीनदयाल परिसर जिसके साथ ही भाजपा का ही व्यावसायिक परिसर भी स्थित है वहां इस भवन को बनाने वाले ठेकेदार की फर्म के नाम से लेकर सभी दुकानों के नाम अंग्रेजी में लिखे हैं,मुख्यमंत्री के आह्वान का भी असर इन पर नहीं हुआ.यह संकेत दर्शाते हैं की भाजपा स्वयं कितनी हिंदी के प्रति गंभीर है.

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493