नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि उनके पति स्वराज कौशल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के पासपोर्ट मामले में उनके वकील नहीं थे। उन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा ललित को यात्रा दस्तावेज जारी करने में अपनी गलती से इंकार किया।
लोकसभा में ललित मोदी मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से लाए गए स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा के दौरान सुषमा ने कहा, “मैं आज एक बार फिर कह रही हूं कि मैंने कोई गलती नहीं की।”
मंत्री ने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने इस बात से अवगत कराया था कि उचित कानून के आधार पर ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज जारी किया गया।
सुषमा ने कहा कि ललित मोदी के पासपोर्ट मामले में उनकी बेटी बांसुरी जूनियर वकील थीं और उसने पैसे नहीं लिए थे।
कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगातार जारी नारों व शोरगुल के बीच सुषमा स्वराज ने कहा, “वह जूनियर वकील थी और पेशी सूची में नौवें स्थान पर थी। उसने एक रुपया भी नहीं लिया।”
मंत्री ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज किया कि उन्होंने यात्रा दस्तावेज के बदले ललित मोदी से कुछ लिया।
सुषमा ने दोहराया कि उन्होंने ललित मोदी की नहीं, बल्कि उनकी पत्नी की मदद की, जिनका पुर्तगाल में कैंसर का इलाज होना था।
अपने ऊपर लगे आरोपों पर मंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि जब पी.चिदंबरम संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में वित्त मंत्री थे, तब उनकी पत्नी नलिनी चिदंबरम को आयकर विभाग की ओर से वकील नियुक्त किया गया था।
सुषमा ने कहा कि जब ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के एक सदस्य ने इसे संसद के संज्ञान में लाया, तो चिदंबरम ने कहा कि विभाग के फैसले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी की कथित मदद को लेकर कांग्रेस सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग कर रही है। ललित मोदी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है।
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