इस नए अध्ययन में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के शोधार्थियों ने टीवी003 नामक वैक्सीन का निर्माण किया है।
इस वैक्सीन ने उन स्वस्थ्य प्रतिभागियों पर पूरी तरह से प्रभावशाली असर दिखाया, जिन्हें परीक्षण के तहत जानबूझकर डेंगू वायरस के एक कमजोर प्रकार से संक्रमित किया गया था। यह प्रयोगात्मक डेंगू वैक्सीन इस दौरान पूरी तरह सुरक्षित पाई गई।
अध्ययन के अनुसार, डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में महंगे और जोखिम भरे बड़े परीक्षणों से पहले यह मानव परीक्षण एक प्रारंभिक जांच प्रस्तुत कर सकता है। जिसके बाद इस वैक्सीन के निर्माण कार्यो में तीव्रता लाई जाएगी।
डेंगू दुनिया में मच्छर जनित वायरस का सबसे आम संक्रमण है, जिससे प्रतिवर्ष 39 करोड़ लोग संक्रमित होते हैं।
यह शोध ‘साइंस ट्रांसलेशन मेडिसिन’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
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