संगीत महोत्सव के दूसरे दिन भारतीय कलाकारों ने मचाई धूम

उदयपुर, 11 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के उदयपुर में जारी विश्व संगीत महोत्सव के दूसरे संस्करण के दूसरे दिन भारतीय संगीतकारों की धूम रही। कबीर के दोहों से प्रेरित बैंड ‘कबीरे कैफे’ ने कबीर के दोहों को नए कलेवर में पेश किया। परवाज के रॉक संगीत ने जोश और उत्साह बढ़ाया तो स्वरात्मा बैंड ने दो राज्यों के बीच कावेरी नदी विवाद पर बना अपना गाना पेश कर बहुत कुछ सोचने पर मजबूर किया।

उदयपुर, 11 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के उदयपुर में जारी विश्व संगीत महोत्सव के दूसरे संस्करण के दूसरे दिन भारतीय संगीतकारों की धूम रही। कबीर के दोहों से प्रेरित बैंड ‘कबीरे कैफे’ ने कबीर के दोहों को नए कलेवर में पेश किया। परवाज के रॉक संगीत ने जोश और उत्साह बढ़ाया तो स्वरात्मा बैंड ने दो राज्यों के बीच कावेरी नदी विवाद पर बना अपना गाना पेश कर बहुत कुछ सोचने पर मजबूर किया।

दूसरे दिन के कार्यक्रम में कबीर कैफे ने कबीर के दोहों और उनकी सीखों पर बने गानों और सुरमय संगीत के मेल से एक बेहतरीन प्रस्तुति दी। उनके पारंपरिक लोक फ्यूजन गीतों ने श्रोताओं में गजब जोश भर दिया। ‘हल्के गाड़ी हाको’ ‘मौको कहां ढूंढे रहे बंदे’ और ‘होशियार रहना’, ‘नगर में चोर आवेगा’ जैसे गीतों से उदयपुर नगरी गूंज उठी।

इसके साथ ही सेनेगल और कनाडा के कलाकारों ने पश्चिमी अफ्रीका और कनाडा की कविताओं को सुर और ताल में पिरोकर पेश किया जो वाकई हैरतअंगेज कर देने वाला था। इनकी प्रस्तुति में सेनेगल का पारंपरिक वाद्य यंत्र कोरा आकर्षण का केंद्र रहा।

बेंगलुरू के बैंड परवाज ने रॉक संगीत से भरपूर प्रस्तुति दी। उन्होंने अपनी नई अल्बम ‘बेपरवाह’ के गाने ‘कलर वाइट’ को पेश कर समां बांध दिया और मदमस्त कर दिया।

दक्षिण अफ्रीका के बैंड ‘हॉटवाटर’ के संगीत से पूरा स्टेडियम मस्ती में डूब गया तो वहीं दिन की आखिरी प्रस्तुति बेंगलुरू के ‘स्वरात्मा’ बैंड ने दी। पारंपरिक परिधानों में सजे बैंड के कलाकारों ने अपने संगीत से लोगों का दिल जीत लिया। उनका कावेरी विवाद पर बना गाना ‘प्यासी हूं मैं, तुमको पिलाके थक गई हूं अब’ दिल को छू गया।

दूसरे दिन के कार्यक्रम फतह सागर झील के किनारे और गांधी ग्राउंड में हुए।

इस तीन दिवसीय विश्व संगीत महोत्सव में भारत सहित ब्रिटेन, इटली, दक्षिण अफ्रीका, सेनेगल, कनाडा, आर्मेनिया, तुर्की, मैकेडोनिया, मोजांबिक, नॉर्वे, ईरान, क्यूबा और स्विट्जरलैंड सहित कुल 16 देशों के 150 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।

स्टेडियम में मौजूद एक श्रोता सरोज गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, “एक ही जगह पर देश-दुनिया के बेहतरीन कलाकारों को सुनने का मौका मिल रहा है। कबीर कैफे ने दिल जीत लिया। कबीर की सीखों को गीत के माध्यम से सुनकर अच्छा लगा।”

हालांकि, दूसरे दिन भी स्टेडियम लोगों से खचाखच भरा हुआ है, लेकिन भीड़ कल के मुकाबले थोड़ी कम ही है। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किए हैं। महोत्सव में आने वाले लोगों में युवाओं और बच्चों की तादाद ज्यादा है।

स्टेडियम में मौजूद 14 वर्षीया तराना कहती हैं, “यहां अलग-अलग तरह का संगीत सुनना पड़ता है तो जिद करके भाई के साथ आ रही हूं।”

महोत्सव के निदेशक संजीव भार्गव ने आईएएनएस को बताया, “महोत्सव को अभी तक मिली प्रतिक्रियाएं उत्साहवर्धक हैं। अभी एक दिन और बाकी है जो कई मायनों में खास रहने वाला है।”

उदयपुर में यह महोत्सव 10 से 12 फरवरी तक चलेगा और इसमें प्रवेश निशुल्क है।

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