हिलटर का फोन अमेरिका में 2.43 लाख डॉलर में नीलाम

वाशिंगटन, 20 फरवरी (आईएएनएस)। जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर का निजी फोन अमेरिका में एक नीलामी के दौरान 2,43,000 डॉलर में बिका। इसे उस बंकर से बरामद किया गया था, जहां द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर ने खुदकुशी कर ली थी।

माना जा रहा है कि हिटलर ने इस फोन का इस्तेमाल आखिरी वक्त में कुछ आदेशों को देने के लिए किया हो।

फोन की नीलामी अमेरिका के एलेक्जेंडर हिस्टोरिकल ऑक्शंस हाउस ने रविवार को मेरीलैंड में की। नीलामी घर ने हालांकि इसका खुलासा नहीं किया कि इतनी ऊंची रकम पर फोन किसने खरीदा?

नीलामी घर के उपाध्यक्ष एंड्रियास कॉर्नफेल्ड ने केवल इतना कहा कि फोन ‘उत्तर अमेरिका के किसी निजी संग्रहकर्ता’ के पास गया है।

इस फोन को जर्मन कंपनी सीमेंस ने बनाया था। यह 1945 से ही इंगलिश ग्रामीण इलाके में एक ब्रीफकेस में रखा गया था।

सूची में इसकी व्याख्या ‘सर्वकालिक विनाशकारी हथियार के रूप में की गई है, जिसने लाखों लोगों को मौत तक पहुंचाया।’ इसके लिए बोली की शुरुआत 1,00,000 डॉलर से की गई थी।

नीलामी से पहले तक यह फोन इंग्लैंड के रानुल्फ रेनर (82) के पास चमड़े के एक ब्रीफकेस में बंद था। रानुल्फ को यह फोन उनके पिता ब्रिगेडियर राल्फ रेनर से मिला था, जो हिटलर के बंकर में दाखिल होने वाले संभवत: पहले गैर-सोवियत सैनिक थे।

हिटलर को यह फोन नाजी जर्मनी के सशस्त्र बलों की ओर से मिला था, जिसका इस्तेमाल उसने द्वितीय विश्वयुद्ध के आखिरी दो वर्षो में किया। हिटलर ने वाहन या रेल से यात्रा के दौरान इस फोन का इस्तेमाल करने के साथ-साथ सैन्य मुख्यालय में भी किया। मूलरूप से यह काले रंग का था, लेकिन बाद में इसे लाल रंग में पेंट किया गया।

फोन के पीछे बड़े अक्षरों में एडोल्फ हिटलर का नाम साफ नजर आ रहा है। इस पर उत्कीर्ण चील व स्वस्तिक के निशान भी स्पष्ट नजर आ रहे हैं।

नीलामी घर ने इसे ‘हिटलर का विनाशकारी मोबाइल उपकरण’ करार देते हुए यह भी कहा कि नाजी नेता ने 30 अप्रैल, 1945 को खुदकुशी से पहले संभवत: अपने कुछ आखिरी आदेश इस फोन के जरिये दिए हों।

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सोवियत सेना ने जब जर्मनी की हार के बाद देश की राजधानी को अपने नियंत्रण में ले लिया तब ब्रिगेडियर राल्फ रेनर (1896-1977) को बर्लिन में रेड आर्मी (उस समय रूसी सेना को इसी नाम से बुलाया जाता था) से संपर्क के लिए अधिकृत किया गया। रेड आर्मी ने इसके बाद राल्फ को हिटलर के बंकर में जाने के लिए आमंत्रित किया।

सोवियत सेना ने उपहार के तौर पर उन्हें हिटलर की पत्नी इवा ब्राउन के कक्ष से बरामद काले रंग का फोन देने की पेशकश की, लेकिन ब्रिटिश अधिकारी ने इसके बजाय हिटलर के बिस्तर के पास पड़े लाल रंग के फोन को चुना।

ब्रिगेडियर राल्फ के बेटे रानुल्फ ने कहा, “मेरे पिता ने इसे कभी हिटलर के गौरवशाली दिनों की स्मृति के रूप में नहीं देखा, बल्कि उनके लिए यह युद्धकाल की एक ट्रॉफी की तरह था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह इतनी महत्वपूर्ण कलात्मक सामग्री बन जाएगी।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493