तिमाही परिणाम, आर्थिक आंकड़ों से बाजार को मिलेगी दिशा (लीड-1)

मुंबई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजारों में अगले सप्ताह आगामी तिमाही परिणामों, वैश्विक रुझानों और प्रमुख आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

अगले सप्ताह निवेशकों की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेश (डीआईआई) के आकड़ों, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और तेल की कीमतों पर भी बनी रहेगी।

जायफिन होल्डिंग्स के अध्यक्ष संजय सचदेव ने आईएएनएस से कहा, “भारी मांग वाला त्योहारी महीना आने वाला है और इसके साथ ही तिमाही परिणाम भी शुरू होने वाले हैं, इसलिए अगले कुछ सप्ताह में इन पर भी निगाह रहेगी।”

दूसरी तिमाही का परिणाम जारी करने का दौर पांच अक्टूबर को शुरू होगा। ब्लूचिप कंपनियों में सबसे पहले इंफोसिस 10 अक्टूबर को परिणाम जारी करेगी।

कोटक सिक्योरिटीज के प्राइवेट क्लाइएंट ग्रुप प्रमुख दीपेन शाह के मुताबिक परिणामों और भावी आय अनुमान के कारण खास-खास शेयरों में विशेष गतिविधि देखी जा सकती है।

सचदेव ने कहा, “चीन में यदि स्थिरता आती है, तो धातु और रियल्टी क्षेत्र में उम्मीद से अधिक प्रगति देखी जा सकती है।”

इस दौरान अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा दर बढ़ाने संबंधी अटकलबाजी का भी बाजार पर प्रभाव बना रहेगा। दर बढ़ने की स्थिति बड़े पैमाने पर देश से पूंजी बाहर निकलने की संभावना है।

एंजल ब्रोकिंग के शोध उपाध्यक्ष वैभव अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, “सितंबर महीने में एफआईआई द्वारा गत पांच साल में सर्वाधिक बिकवाली हुई है। यह दबाव बने रहने की संभावना है, क्योंकि वैश्विक सुस्ती बनी हुई है।”

नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़े के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर 2015 में शेयर और डेट बाजार में 5,783.63 करोड़ रुपये (87.355 करोड़ डॉलर) की बिकवाली की है।

फेडरल रिजर्व की नीति निर्मात्री समिति फेडरल ओपेन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की अगली मौद्रिक समीक्षा बैठक 27-28 अक्टूबर को होने वाली है। निवेशकों की नजर इस बैठक पर टिकी रहेगी। फेड ने 2006 के बाद से दर नहीं बढ़ाई है।

फेड प्रमुख जेनेट येलेन ने गुरुवार को एक आर्थिक दस्तावेज में कहा था कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती दिख रही है और इसी साल दर में वृद्धि होनी चाहिए।

जियोजित बीएनपी पारिबा के टेकि्न कल रिसर्च डेस्क सह-प्रमुख आनंद जेम्स ने एशियाई बाजार के प्रभाव पर आईएएनएस से कहा, “एशियाई बाजार की दिशा इस बात से भी प्रभावित होगी कि जापान की राहत योजना संबंधी उम्मीदों में क्या प्रगति होती है।”

आगामी सप्ताह के प्रमुख आंकड़ों में मंगलवार छह अक्टूबर को सितंबर महीने के लिए निक्के ई इंडिया सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स (पीएमआई) के आंकड़े जारी होंगे। सर्विस पीएमआई अगस्त में 51.8 पर और जुलाई में 50.8 पर था।

पीएमआई के 50 से ऊपर रहने का मतलब संबंधित क्षेत्र में विस्तार और 50 से नीचे रहने का अर्थ संबंधित क्षेत्र में संकुचन है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में शोध कंपनी मार्किट सोमवार पांच अक्टूबर को सितंबर महीने के लिए मार्किट/सीआईपीएस सर्विसेज पीएमआई के आंकड़े जारी करेगी।

अमेरिका में इंस्टीट्यूट ऑफ सप्लाई मैनेजमेंट सोमवार पांच अक्टूबर 2015 को सितंबर महीने के लिए गैर-विनिर्माण पीएमआई आंकड़ा जारी करेगा।

ब्रिटेन का केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ इंग्लैंड गुरुवार आठ अक्टूबर को मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक करेगा।

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