दहाई अंकों की विकास दर सुधार से संभव : जेटली

नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को स्वीकार किया कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक माहौल में दहाई अंकों की विकास दर भारत के लिए कठिन है, लेकिन यदि लंबित सुधारों को आगे बढ़ाया जाए, तो इस दिशा में आवश्यक आर्थिक प्रभाव दिखेगा।

जेटली ने यहां इंडिया टुडे कांक्लेव के उद्घाटन सत्र में कहा, “वर्तमान वैश्विक माहौल में वास्तविकता के आधार पर बात की जाए, तो दहाई अंकों की विकास दर हासिल करना अत्यधिक कठिन है।” उन्होंने हालांकि कहा कि ऊंचे लक्ष्य रखना और अपेक्षित परिणाम पाने के लिए सुधार जारी रखना जरूरी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि में विकास की सर्वाधिक संभावना है। कृषि से उनका मतलब सिर्फ खेती-बाड़ी से ही नहीं है, बल्कि इसके दायरे में दूध उत्पादन जैसी अन्य ग्रामीण आर्थिक गतिविधियांभी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “कुछ राज्यों ने कृषि क्षेत्र में काफी प्रगति की है।”

सुधार के मामले में खासकर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक के हवाले से कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ एक पार्टी को छोड़कर शेष सभी इसके पक्ष में हैं।

उन्होंने कहा, “संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कुछ साझेदारों ने मुझे कहा है कि वे जीएसटी के पक्ष में हैं। मैं अब भी चाहता हूं कि कांग्रेस इसे समर्थन दे।”

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