चेन्नई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। नवागत निर्देशक संजय गुप्ता ने कहा है कि उन्हें फिल्मकारों और उनकी फिल्मों को स्वतंत्र और मुख्यधारा की श्रेणी में बांटना पसंद नहीं है।
संजय गुप्ता ने अपनी पहली फिल्म ‘क्यू’ से निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। इसके लिए उन्हें एक राष्ट्रीय स्तर के निजी पुरस्कार गोलापुडी श्रीनिवास पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
संजय ने बुधवार को यहां आईएएनएस से कहा, “मुझे लगता है कि फिल्में जिस तरह बनती हैं, उन्हें उसी तरह से देखा जाना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि उन्हें स्वतंत्र या मुख्यधारा के तमगे दिए जाने की जरूरत है। मेरी फिल्म को इन सब की जरूरत नहीं है।”
गुप्ता की फिल्म ‘क्यू’ एक आठ साल की लड़की के बारे में है, जिसे 8,000 रुपये में बेच दिया जाता है और फिर वह मुंबई पहुंचती है। जहां उसे एक परिवार गोद ले लेता है। निर्देशक ने कहा कि फिल्म का शीर्षक प्रश्न खड़े करता है।
गुप्ता अभी अपनी फिल्म ‘क्यू’ के सिनेमाघरों में पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं और उनका कहना है कि वह ‘मेरी कॉम’ की तरह ही एक गंभीर खेल फिल्म में अपना हाथ आजमाना चाहते हैं।
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