नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘इंप्रिंट इंडिया’ लांच करते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत मानव संसाधन है।
आईआईटी और आईआईएससी की संयुक्त पहल ‘इंप्रिंट इंडिया’ के लांच अवसर पर प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ के लिए मानव श्रम और कौशल विकास को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा, “मेक इन इंडिया कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत श्रम शक्ति है। मेक इन इंडिया की सफलता के लिए कौशल विकास बहुत जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “उच्च शिक्षा संस्थानों को सीखने की प्रक्रिया में नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए।”
इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी मौजूद थे। मोदी ने राष्ट्रपति भवन में आगंतुक सम्मेलन में इंप्रिंट इंडिया की विवरणिका जारी की।
इंप्रिंट इंडिया का उद्देश्य भारत के लिए प्रासंगिक 10 प्रौद्योगिकी डोमेन में इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी की प्रमुख चुनौतियों के समाधान को लेकर शोध के लिए एक रोडमैप विकसित करना है।
उन्होंने कहा, “ग्लोबल वॉर्मिग तथा अपशिष्टों को संपत्ति में बदलने जैसी चुनौतियों का समाधान तलाशना भारत के विकास के लिए आवश्यक है।”
उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों को रक्षा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और उद्योग-अकादमी के बीच साझेदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “विज्ञान सार्वभौमिक है, लेकिन प्रौद्योगिकी को स्थानीय होना होगा। सपनों को साकार करने के लिए नवाचार महत्वपूर्ण है। समाज का प्रौद्योगिकी की ओर झुकाव बढ़ रहा है। ऐसे में इसके महत्व को समझना और किफायती प्रौद्योगिकी की ओर कदम बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है।”
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