समाचार एजेंसी सिन्हुआ को दिए एक खास साक्षात्कार में ली ने याद किया कि कैसे 17वीं इंटरनेशनल चोपिन पियानो प्रतियोगिता का सदस्य बनने का न्योता मिलना उनके लिए उनकी वॉरसॉ वापसी का प्रतीक बन गया, जब उन्होंने अक्टूबर 2000 में यहां इस प्रतियोगिता का 14वां संस्करण जीता था।
ली ने कहा, “मैं इस जगह दोबारा आने और बहुत सी यादें ताजा करने का मौका पाकर बहुत उत्साहित हूं। मैं युवा प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को देखकर और सुनकर भी बहुत प्रभावित हुआ हूं।”
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