लंदन, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। विकास दर में चीन को पीछे छोड़ने के बाद भारत ने अब 2015 में विदेशी निवेश के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है, जिस मामले में चीन का दशकों से दबदबा था। यह जानकारी फायनेंशियल टाइम्स के एक थिंकटैंक से मिली।
एफडीआई इंटेलिजेंस ने जल्द ही प्रकाशित होने वाली अपनी एक रपट में लिखा है, “लंबे समय से चीन के पीछे रहने के बाद भारत अब उसे पीछे छोड़ता जा रहा है। 63 अरब डॉलर मूल्य की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) परियोजनाएं घोषित करने के साथ भारत 2015 में पूंजी निवेश के मामले में दुनिया में सबसे आगे रहा है।”
रपट की समीक्षा में लिखा गया है, “इसी दौरान चीन में पूंजी निवेश 23 फीसदी घटा है और एफडीआई 16 फीसदी घटा है। शीर्ष एफडीआई गंतव्य के रूप में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है।”
रपट में कहा गया है, “लंबे समय तक चीन से पीछे रहने के बाद भारत अब वैश्विक विकास की एक बड़ी गाथा है।”
एफडीआई पत्रिका की प्रधान संपादक कोर्टनी फिंगर ने कहा कि इस गति को बरकरार रखना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
फिंगर ने कहा, “लेकिन पिछले वर्ष की बड़ी एफडीआई गाथा निश्चित रूप से भारत है।”
dharmpath.com dharmpath