(खुसर-फुसर)-भोपाल/- प्रदेश भाजपा के एक बड़े नेता जो बहुत ही बड़े हो गए हैं,ये अपनी हर अदा को अन्दाजे बयां मानते हैं,वे दबे-छुपे से थे तब तक उनके मित्र सभी थे,अब उन्हे कई दुश्मन लगने लगे हैं,चचा को यह नहीं पता की उनकी भले की सोचने वाले क्यों उनकी खबर लेने और देने लगे,शायद वे अपनी हर अदा को अन्दाजे बयां समझने लगे.खबर तो यह है की उन्होने राजनीति और खबरनवीसो के रिश्ते को दुश्मनी का रंग देने का फैसला किया है,पहले तो मुंह फुलाया अब उन पत्रकारों को ही भाजपा मुख्यालय से रुख़सत करने की जुगत में हैं और एक तालिबानी आदेश भी निकालने वाले हैं अब भाइ को कौन समझाये “करो खुद और इल्जाम खुदा पे”. खैर अब कौन समझाये अब जब वे जंग पर उतारू हो गए हैं तो यहाँ कौन पीछे हटने वाला है लेकिन समझा दे की यह कोई न्यूज़ चैनल की बहस का ठिहा ही नहीं है की कुछ भी बोल लो,यहाँ तो पूरी खबर रहती है कि किसे-किसे धोखा दिया,किस स्वज़ातीय का पांव बाजार में छूते हो और कार्यालय में उसे पहचानते तक नहीं,अरे भैया अकड तो मुर्दे में होती है,अभी तो पद मिलने कि खबर से ही यह अकड है तब पद मिलने पर क्या होगा.पद मिले हमारी शुभकामनायें हैं लेकिन भैय्या यह कोई खालाजी का घर थोडे ही है कि जमींदारी है जनता के पैसे पर मुफ्तखोरी करने कि आशा ले कर जीने वाले प्राणी,लोगों को धोखा दे कर हिटलर बनने कि तैय्यारी में हैं,मुंह में राम,बगल में छूरीले कर चलने वालों कि खैर नहीं,राम के बेटे और भी हैं और धर्मयुद्ध करना भी जानते हैं.
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