श्रीनगर, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में शुक्रवार को पथराव कर रहे युवाओं को तितर-बितर करने के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा दुकानों में कथित तौर पर लूटपाट की घटना के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने बंद बुलाया, जिससे यहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
पुराने शहर में दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शुक्रवार को जब वे जामिया मस्जिद इलाके में नमाज अदा कर रहे थे तभी पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े।
हालांकि सार्वजनिक परिवहन के वाहन श्रीनगर की सड़कों पर सामान्य रूप से चलते देखे गए। इसके अलावा बैंक, स्कूल, सरकारी कार्यालय भी खुले रहे। वहीं राजधानी के सिविल लाइन क्षेत्रों में दुकानें बंद रहीं।
व्यापारी समन्वय समिति ने बंद का आह्वान किया है, जिसे कश्मीर व्यापारी और निर्माता संघ का समर्थन प्राप्त है।
व्यापारी समिति के अध्यक्ष जावेद अहमद जरगर ने कहा, “सुरक्षा बलों ने जानबूझकर जामिया मस्जिद के आसपास हर साप्ताहिक शुक्रवार सामूहिक प्रार्थना के बाद किसी न किसी बहाने दुकानदारों को परेशान किया। कल (शुक्रवार) पुलिस ने दुकानों में तोड़फोड़ की।”
हालांक एक पुलिस प्रवक्ता ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, “पथराव करने वालों ने पुलिस और दुकानदार, दोनों पर पथराव किया। हमारे निशाने पर अराजक तत्व हैं, न कि शांति पसंद करने वाले दुकानदार।”
इस बीच, अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और कहा यह केंद्रीय मस्जिद में जाने से श्रद्धालुओं को रोकने का प्रयास है।
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