नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध ‘संवर्धिनी न्यास’ ने गर्भवती महिलाओं के लिए ‘गर्भ संस्कार’ नाम से एक मुहिम शुरू की है. इसका उद्देश्य शिशुओं को गर्भ में ही संस्कार एवं मूल्य सिखाना है. शिशु के जन्म लेने से दो साल तक बच्चों को संस्कार सिखाये जाएंगे. भगवत गीता और रामायण से जुड़ी बातें गर्भ में भी बच्चे को सिखाई जाएँगी. आरएसएस से जुड़े संगठन की ये मुहिम चर्चा का विषय बनी हुई है. न्यास की राष्ट्रीय संगठन सचिव माधुरी मराठे ने यह जानकारी दी. स्त्री रोग विशेषज्ञों, आयुर्वेदिक चिकित्सकों और योग प्रशिक्षकों के साथ मिलकर न्यास एक कार्यक्रम की योजना बना रहा है जिसमें ‘‘गर्भ में शिशुओं को सांस्कृतिक मूल्य प्रदान करने’’ के लिए गर्भावस्था के दौरान गीता एवं रामायण का पाठ और योगाभ्यास किया जाएगा.
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