गुवाहाटी/सिलचर, 28 सितम्बर (आईएएनएस)। असम के कछार जिले के पुलिस प्रमुख राजवीर सिंह द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और सिलचर के विधायक सहित कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ राज्य की बराक घाटी में भाजपा द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद से जनजीवन प्रभावित रहा।
गुवाहाटी/सिलचर, 28 सितम्बर (आईएएनएस)। असम के कछार जिले के पुलिस प्रमुख राजवीर सिंह द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और सिलचर के विधायक सहित कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ राज्य की बराक घाटी में भाजपा द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद से जनजीवन प्रभावित रहा।
कुछ निजी वाहनों को छोड़कर बाकी बंद के दौरान वाहन सड़कों पर नहीं उतरे, जबकि सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति काफी कम रही।
घाटी के मुख्य शहर सिलचर और कुछ अन्य हिस्सों में बंद का खासा असर रहा। अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल और कॉलेज बंद रहे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सिलचर से पार्टी विधायक दिलीप पॉल को शनिवार को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ बंद का आह्वान कर रखा था।
बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर टायर जलाकर सड़कें जाम कर दी और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला फूंका। बंद समर्थकों ने पुलिस अधीक्षक का तत्काल तबादला करने की भी मांग की।
असम पुलिस ने भाजपा विधायक और चार अन्य को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे शहर के मेहरपुर इलाके में शुक्रवार देर शाम एक मंदिर से गाय का कटा सिर बरामद होने के बाद सिलचर में आयोजित एक विरोध रैली में उन्होंने हिस्सा लिया।
कछार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाषिनी शंकरन ने कहा, “छिटपुट घटनाओं को छोड़कर बंद शांतिपूर्ण रहा। हमने स्थिति को हिंसक होने से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर रखा है।”
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